
नैनीताल। जिला पंचायत अध्यक्ष नैनीताल के चुनाव संबंधी याचिका की सुनवाई 18 अगस्त 2025, सोमवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय की खंडपीठ में होनी है। बड़ी संख्या में याचिकाकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
परगना मजिस्ट्रेट नैनीताल नवाजिश खलीक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय परिसर से बाहर 500 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। आदेश के अनुसार इस दायरे में पांच या पांच से अधिक लोगों का बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर जुटना, सभा करना, जुलूस निकालना या नारेबाजी करना प्रतिबंधित रहेगा।
लाठी, डंडा, हथियार, विस्फोटक जैसी सामग्री लेकर परिसर में प्रवेश पूर्णतः वर्जित होगा। अफवाह फैलाना, पर्चे या पोस्टर बांटना और ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग भी निषिद्ध किया गया है। इसी प्रकार, वाहनों को केवल पुलिस द्वारा चिन्हित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने की अनुमति होगी ताकि जाम या अवरोध की स्थिति न बने।


आदेश के अनुसार उच्च न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। असामाजिक तत्वों और उपद्रवी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को परिसर के आसपास आने की अनुमति नहीं होगी। कोई भी उत्तेजक भाषण, घोषणाएँ या शांति भंग करने वाले कार्य पूरी तरह निषिद्ध हैं।
निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू की गई है और इसके उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था और न्यायालय की कार्यवाही को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

