आवास योजना में धनराशि कों लेकर ग्रामीण जनता के साथ क्यों किया जा रहा भेदभाव: संजीव कुमार गंगवार, प्रदेश संगठन मंत्री 

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आवास योजना में धनराशि कों लेकर ग्रामीण जनता के साथ क्यों किया जा रहा भेदभाव: संजीव कुमार गंगवार, प्रदेश संगठन मंत्री

 

आवास योजना में उपलब्ध होने वाली धनराशि ग्रामीण जनता कों (एक लाख बीस हजार), शहरी कों (दो लाख पचास हजार), आखिर क्यों

पीलीभीत: राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश संगठन मंत्री संजीव कुमार गंगवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कों भेजा शिकायती पत्र में बताया की केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण स्तर पर प्रधानमन्त्री व मुख्यमन्त्री आवास दिये जाते है लाभार्थी के खातों में (1,20,000/-) एक लाख बीस हजार की धनराशि मुहैया कराई जाती है। जबकि उसी मानक में ही शहरी आवास भी पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराये जाते है। जबकि ग्रामीण आवास और शहरी आवास की धनराशि में दोगुना से भी ज्यादा का अन्तर है। शहरी आवास के लिए 2,50,000/- (दो लाख पचास हजार) लाभार्थियों को दिये जाते है जबकि छत डालने के दौरान लगने वाली सामग्री सरिया सीमेन्ट ईंट वालू मजदूरी में कोई भिन्नता नहीं है। ग्रामीण जनता के साथ इतना बड़ा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। देश की 75% आवादी ग्राम सभाओं में ही निवास कर रही है। इतनी धनराशि से लाभार्थी का घर बनना नामुकिन है। उन्होंने ने शहरी आवास की धनराशि ग्रामीण आवासों को भी मुहैया कराई जाये की मांग की है


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