
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना ने जन्मजात कटे होंट के रोग से मिली नई जिंदगी
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की पहल से मासूम को मिला नया जीवन, जन्मजात कटे होंठ का हुआ निःशुल्क सफल ऑपरेशन

पीलीभीत: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जनपद पीलीभीत में एक और बच्चे के जीवन में नई मुस्कान लौटी है। विकास खंड अमरिया के ग्राम मुंडलिया गौसू निवासी अब्बास का जन्म से ही कटे होंठ (Cleft Lip) की समस्या से पीड़ित था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार बच्चे का उपचार कराने में असमर्थ था।
इसी दौरान आर.बी.एस.के. टीम-ए, अमरिया की डॉ समन इसरार ,अरुण कुमार आप्टोमेटरिस्ट ,गायत्री ए.एन.एम. द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्चे की पहचान की गई। टीम ने परिजनों को जन्मजात विकृति के उपचार तथा सरकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क चिकित्सा सुविधा की जानकारी दी और उपचार के लिए प्रेरित किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला आर.बी.एस.के. कार्यक्रम के सहयोग से बच्चे को सारस्वत हॉस्पिटल, आगरा में भर्ती कराया गया, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कटे होंठ का सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है और अब वह सामान्य जीवन की ओर अग्रसर है। बच्चे के परिजनों ने उत्तर प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य विभाग तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके बच्चे को नया जीवन और नई मुस्कान दी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों में जन्मजात रोगों की समय पर पहचान कर निरूशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे न केवल बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को भी उम्मीद मिल रही है। जन्म जात बीमारी से ग्रसित बच्चों के निशुल्क उपचार हेतु डी.ई.सी.प्रबंधक मो जुबैर से (7536844761) पर भी संपर्क किया जा सकता है।
