
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार की जा रही बढ़ोतरी ने आम जनता की तोड़ी कमर: पवन सिंह याद
पीलीभीत:पूरनपुर, केंद्र सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल में 2.61 रुपए और डीजल में 2.71 रुपए की बढ़ोतरी करके यह साबित कर दिया है कि उसे गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्ग की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। सबसे दुखद बात यह है कि सिर्फ इसी महीने में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। जब जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही है, ऐसे समय में बार-बार कीमतें बढ़ाना पूरी तरह जनविरोधी फैसला है।डीजल की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता है। खेतों की जुताई से लेकर सिंचाई और फसल ढुलाई तक हर काम डीजल पर निर्भर है। सरकार की गलत नीतियों के कारण खेती लगातार महंगी होती जा रही है और किसान आर्थिक संकट में धकेला जा रहा है। वहीं पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान पर पड़ेगा। यानी आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ेगी तथा आम आदमी का जीवन और कठिन होगा। सरकार चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता को सिर्फ महंगाई और परेशानियां मिलती हैं। आज देश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, छोटे व्यापारी आर्थिक दबाव में हैं, मजदूर वर्ग परेशान है और गरीब आदमी दो वक्त की रोटी तक के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे समय में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाना जनता के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।
समाजवादी पार्टी हमेशा जनता की आवाज उठाती रही है और आगे भी आम लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस ली जाएं और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। यदि सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करती रही तो आने वाले समय में जनता इसका जवाब जरूर देगी।
— पवन सिंह यादव
जिला उपाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
