
गजरौला कस्बे में अतिक्रमण बना जानलेवा NH-730 पर फिर भिड़े दो ट्रक, बड़ा हादसा टला

गजरौला पीलीभीत। थाना गजरौला के सामने नेशनल हाईवे-730 पर मंगलवार शाम करीब 5:20 बजे एक बार फिर सड़क हादसा हो गया जब ओवरटेक के दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने आगे चल रहे ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ट्रक चालक घायल हो गया जबकि दोनों चालक बाल-बाल बच गए। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया।
ट्रक संख्या UP 26 T 3047 जिसे चालक साबिर पुत्र लाल शाह निवासी जहानाबाद पीलीभीत चला रहा था थाना गजरौला के सामने हाईवे पर आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक संख्या UP 31 CT 6495 जिसे चालक गुरप्रीत पुत्र धर्मपाल निवासी निगोही शाहजहांपुर चला रहा था ओवरटेक करने के प्रयास में अनियंत्रित होकर आगे वाले ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि पीछे वाले ट्रक का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गुरप्रीत को चोटें आईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों चालक सुरक्षित हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। क्षतिग्रस्त ट्रकों को हटाने के लिए क्रेन बुलवाई गई जिसके बाद यातायात सुचारु कराया जा सका।
लगातार हादसों से दहशत में लोग
स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि गजरौला कस्बे में हाईवे किनारे फुटपाथों और सड़क पटरी पर अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। दुकानदारों ठेलों और अस्थायी कब्जों के कारण सड़क संकरी हो गई है जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों में कस्बे के भीतर और माला मोड़ से गजरौला तक दर्जनों हादसे हो चुके हैं जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवैध कब्जे हटाने के लिए शिकायतें दीं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
जनता की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गजरौला कस्बे के भीतर हाईवे किनारे किए गए अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए, फुटपाथ खाली कराए जाएं और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लग सके।
गजरौला कस्बे में बढ़ते सड़क हादसे अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं लेकिन सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे।
