
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना ने बदली मासूम की जिंदगी जन्मजात हृदय रोग से मिली नई जिंदगी

ब्यूरो रिपोर्ट/दिनेश कुमार
पीलीभीत: जनपद पीलीभीत के विकास खण्ड मरौरी के ग्राम संडाह निवासी इच्छा देवी (07 वर्ष ) जन्म से ही हदय में छेद (CONGENITAL HEART DISEASES ) की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के कारण बच्ची का उपचार संभव नहीं हो पा रहा था। परिवार को बीमारी की गंभीरता और सरकारी उपचार सुविधाओं की जानकारी भी नहीं थी।इसी दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके ) की टीम बी से डॉ खुशबू जमाल, डॉ वर्षा सक्सेना, शुष्मा श्रीवास्तव स्टाफ नर्स, धर्मेन्द्र कुमार आप्टोमेटरिस्ट प्राथमिक विद्यालय संडाह में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। टीम ने बच्ची के अभिभावकों को बीमारी के उपचार की प्रक्रिया एवं सरकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के बारे विस्तार से जानकारी दी और उनका विशवास जीतते हुए उपचार के लिए प्रेरित किया।
जनपद स्तर से आदरणीय मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय एवं डी.ई.आई.सी. मैनेजर के सहयोग से 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से बच्ची को समय पर आर.बी.एस.के. टीम के प्रयासों से बच्ची की सभी आवश्यक जांचें कराई गयीं तथा उच्च चिकित्सा संस्थान जे.एन.मेडिकल कालेज अलीगड़ सदर्भित किया गया। वहाॅ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 09 जुलाई को सफलतापूर्बक हदय की निरूशुल्क सर्जरी की गयी। उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया गया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को किसी प्रकार का वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ा।
आज इच्छा देवी पूरी तरह स्वास्थ्य है एवं खेल कूद रही है। बच्ची के माता-पिता ने आर.बी.एस.के. टीम एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर पहचान और निःशुल्क उपचार ने उनकी बेटी को नया जीवन दिया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों में जन्मजात रोगों की समय पर पहचान कर निरूशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे न केबल बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को भी उम्मीद मिल रही है। जन्म जात बीमारी से ग्रसित बच्चों के निःशुल्क उपचार हेतु डी.ई.सी.प्रबंधक मो जुबैर से (7536844761) पर भी संपर्क किया जा सकता है।
