
“राष्ट्रीय डेंगू दिवस“ पर मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में गोष्ठी एवं शपथ कार्यक्रम का किया गया आयोजन

ब्यूरो रिपोर्ट दिनेश कुमार
पीलीभीत: राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर (डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारीः जांच करें, सफाई करें और ढ़कें) की थीम के रूप में मनाने हेतु एक गोष्ठी एवं डेंगू शपथ का आयोजन मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 आलोक कुमार की अध्यक्षता में आरोग्य सभागार कार्यालय पीलीभीत में किया गया। जिसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
गोष्ठी का शुभारम्भ करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने डेंगू से बचाव हेतु सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदीकृत किया। इस दौरान अधोहस्ताक्षरी ने “हर रविवार मच्छर पर बार-लार्वा पर प्रहार“ जैसे अभियान को जन-जन तक पहुचाने अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जनमानस को डेंगू से बचाव हेतु आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराये, इस हेतु प्रचार-प्रसार की गतिविधियाॅ प्रथमिकता के स्तर पर संचालित की जाए साथ ही अधोहस्ताक्षरी ने यह भी निर्देश दिये कि नगरीय क्षेत्र में टीम बनाकर घर-घर भ्रमण कर सोर्स रिडक्शन का कार्य किया जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गये कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अन्तर्गत आने वाले उपकेन्द्रों के ग्राम स्तर पर आशा द्वारा घर-घर भ्रमण कर सोर्स रिडक्शन की कार्यवाही एवं जनमानस को डेंगू से बचाव हेतु जैसे जल-भराव, टूटे-फूटे पात्रों, फ्रिज की ट्रे, कूलर आदि में साप्ताहिक रूप में साफ-सफाई एवं डेंगू जांच एवं उपचार हेतु सभी आवश्यक दवाएं एवं किटे सभी चिकित्सा इकाईयों उपलब्ध हो।
इस क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिला मलेरिया अधिकारी से डेंगू के प्रति संवेदनसील क्षेत्रों में की गयी निरोधात्मक कार्यवाही की जानकारी ली एवं उनके लार्वासाइडल स्प्रे, एवं फागिंग के विषय में चर्चा की और कहा कि उनकी टीमें लगातार संवेदनसील क्षेत्रों में निरन्तर निरोधात्मक कार्यवाही करती रहे।
डेंगू दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जनता से अपील की गयी कि डेंगू रोग की रोकथाम जनमानस के सक्रिय योगदान से ही सम्भव है। जनमानस घरों व घरों के आस-पास जल भराव जैसे, टूटे-फूटे पात्रों, फ्रिज की ट्रे, कूलर आदि में साप्ताहिक रूप में साफ-सर्फाइ एवं ज्चर आने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर अपनी जांच करायें समस्त शासकीय चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर डेंगू की जांच एवं लक्षणों के आधार पर उपचार निःशुल्क उपलब्ध है।
