
बिजली हादसे के पीड़ित परिवार से मिले समाजसेवी अमित मिश्रा, 11 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की

ब्यूरो रिपोर्ट, दिनेश कुमार
पूरनपुर/पीलीभीत। महुआ गुन्दे गांव में बिजली करंट की चपेट में आने से हुई किसान विकास शुक्ला की दर्दनाक मौत के बाद पहली बार किसी जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाया। पंडित राजेन्द्र प्रसाद स्मारक फार्मेसी कॉलेज एवं मेडिकेयर हॉस्पिटल के चेयरमैन, समाजसेवी एवं भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य अमित मिश्रा शनिवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ₹11,000 का सहायता चेक सौंपा।
अमित मिश्रा ने दिवंगत विकास शुक्ला की पत्नी राखी शुक्ला, पुत्र आदित्य शुक्ला तथा पिता ओमप्रकाश शुक्ला से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में परिवार स्वयं को अकेला न समझे, समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भविष्य में भी यदि परिवार को किसी प्रकार की आवश्यकता होगी तो वह यथासंभव मदद करने का प्रयास करेंगे।
गौरतलब है कि महुआ गुन्दे गांव में बाबा त्रेतानाथ शिव मंदिर के निकट गन्ने के खेत में सिंचाई करते समय ऊपर से बिजली का तार टूटकर गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से विकास शुक्ला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे।इस अवसर पर अचलेन्द्र मिश्र ‘अचल’, नकुल पाण्डेय, सोनू सिंह एवं ऋषभ पाण्डेय भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।महुआ गुन्दे गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जर्जर और झूलते बिजली के तार लंबे समय से हादसों को न्योता दे रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली लाइन का नियमित रखरखाव और मरम्मत होती, तो विकास शुक्ला की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
